भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से कांग्रेस पार्टी में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पार्टी के सबसे सीनियर नेता कमलनाथ को सभी पदों से हटा दिया गया है, इसके बावजूद कमलनाथ और उनकी टीम के कुछ दूसरे वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के मामले में अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। स्थिति यह बन गई कि, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को सामने आकर कड़े शब्दों का प्रयोग करना पड़ा।
नाम लिए बिना कमलनाथ के लिए कड़ी चेतावनी
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि, जब कांग्रेस पार्टी का कोई या नया नेता या जूनियर कार्यकर्ता अनुशासनहीनता करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है परंतु यदि कोई वरिष्ठ नेता अनुशासनहीनता करें तो यह पार्टी के लिए संकट की स्थिति होती है। श्री पटवारी ने कहा कि, लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का चयन पार्टी की पॉलिसी के अनुसार होगा। पार्टी का फैसला अंतिम और सर्वमान्य होगा। कृपया कोई भी वरिष्ठ नेता इस बारे में बयानबाजी करके अन्यथा की स्थिति निर्मित ना करें।
यह चेतावनी केवल कमलनाथ के लिए नहीं है मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के क्षेत्रीय स्तर के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी की पॉलिसी के खिलाफ बयान बाजी की है परंतु यह सब कुछ कमलनाथ से शुरू हुआ। सज्जन वर्मा ने दिल्ली में नेशनल मीडिया के सामने कहा कि, कमलनाथ लोकसभा चुनाव की रणनीति बना रहे हैं। प्रत्याशियों का चयन उनकी सबसे बड़ी चिंता है। इससे पहले कमलनाथ ने छिंदवाड़ा लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा कर दी थी। इसके अलावा कुछ दावेदारों को कह दिया गया है कि तुम्हारा नाम फाइनल है, अपने क्षेत्र में जाकर जनसंपर्क करो।
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